रात का डॉक्टर

आरडी शुक्ला द्वारा दोस्तों लखनऊ शहर में एक ऐसा डॉक्टर है जो रात को 10:00 बजे के बाद से सुबह 4:00 बजे तक अपनी क्लीनिक चलाता है उसकी यह क्लीनिक लक्ष्मण पुरी में स्थित है एक बहुत बड़े प्लाट में यहां की एक बहुत बड़ा अस्पताल बन सकता है वहां एक छोटी-सी कोठरी में पिछले 46 वर्षों से वह अपनी क्लीनिक चला रहा है आसपास के गरीब मरीजों को वह ₹5 में शुरू में इलाज कर दिया करता था अब कुछ सेवा शुल्क बढ़ाया अवश्य है लेकिन इतना भी नहीं कि गरीब लोगों का इलाज ना हो सके डॉक्टर साहब 3:00 बजे रात के बाद क्लीनिक बंद करके निशातगंज चौराहे पर पहुंचते हैं वहां पर लखनऊ के बीमार पत्रकार मीडिया कर्मी पुलिस वाले डॉक्टर शंकर प्रसाद लोनी जी का बेसब्री से इंतजार करते हैं और यह डॉक्टर साहब वहां पहुंचकर सुबह 5:06 बजे तक उन लोगों को देखते हैं आश्चर्य की बात है जब उनसे कहा जाता है आपके पास इतना बड़ा प्लाट है कि आप पूरा अस्पताल बना सकते हैं तो उनका कहना होता है कि ठीक है मैं अस्पताल बना लूं लेकिन उसके लिए मुझे लोन लेना पड़ेगा उसका ब्याज होगा और यह सब चुकता करने के लिए मुझे मरीजों कि फर्जी जांचे करानी पड़ेगी या वह सब गरीब मरीजों पर पड़ेगा सोनू ने आज की तारीख तक प्लाट को खाली रख के कोठारिया में अपने क्लीनिक चला रहे हैं रात 2:00 बजे तक तो वहां इतनी भीड़ होती है कि वहां डॉक्टर साहब को कोई फुर्सत नहीं मिलती डॉक्टर साहब की खास बात है मर्ज को पकड़ने के मास्टर है वे अपनी क्षमता वाला इलाज तो कर देते हैं बागी के लिए वह उचित स्थान पर और उचित अस्पताल में मरीज को भेज देते हैं जहां पर वही मर्ज निकलता है जो डॉक्टर साहब पहले पता कर लेते हैं उनका कोई कमीशन खोरी का काम नहीं है बहुत ही साफ-सुथरे और मेहनतकश डॉक्टर साहब है इत्तेफाक से वह मेरे सबसे अच्छे मित्र थे इसलिए मैं पिछले 40 वर्षों से वहां आता जाता रहता हूं विशाल में सिर्फ 1 दिन क्लीनिक बंद रखते हैं होली जिस दिन खेली जाती है बाकी और साल में किसी भी दिन अपने क्लीनिक ना को नहीं बंद कर करते अब वो मार्च में 69 वर्ष के हो गए हैं कहते हैं कि काफी थक चुका हूं लेकिन फिर भी आज की तारीख तक इलाज कर रहे हैं और कहते हैं जब तक हिम्मत है हमारे शरीर में मैं लोगों का इलाज करता रहूंगा क्षेत्र की जनता ही नहीं पूरे लखनऊ की जनता यहां तक कि बाहर से लोग वहां आते हैं और उनको लाभ मिलता है डॉक्टर साहब की पूजा करते है ऊपर चित्र में डॉ शंकर प्रसाद लो हनी मेरा ब्लड प्रेशर चेक करते हुए आज मैं उन्हीं के वजह से जिंदा हूं आरडी शुक्ला


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