सुरेश तिवारी की जीत से झूम उठा लखनऊ गले में भर लिया उसने मेरे को प्यार से

आर डी शुक्ला द्वारा


आज का दिन लखनऊ वासियों के लिए बहुत ही शुभ था कैंट विधानसभा क्षेत्र मैं हुए 21 अक्टूबर के चुनाव में मैं सुरेश तिवारी जी एक बार फिर रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीत गए भारतीय जनता पार्टी ने उनके ऊपर विश्वास किया था और उनको चुनाव लड़ाया था यह सीट रीता बहुगुणा जोशी के सांसद बन जाने के कारण रिक्त हुई थी इससे पहले दो बार सुरेश तिवारी जी ही यहां से विधायक थे उससे पहले सुरेश तिवारी जी 1989 में पहली बार क्षेत्र से चुनाव लड़े और सभासद बने थे उस समय में महानगर क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीता था हम दोनों लोग भारतीय जनता पार्टी में थे और बहुत अच्छे दोस्त हो गए थे उस समय हम दोनों ही कांग्रेश के पैसे के बल पर जीते महापौर अखिलेश दास से लगातार इस बात पर लड़ते रहे कि वह झंडा वाला पार्ट सहित तमाम लखनऊ की बेशकीमती जमीनों को बेच रहे थे वह सब नगर निगम की थी हम लोगों ने विरोध किया और इस कदर विरोध किया कि उसके बाद लौटकर कांग्रेसका महापौर लखनऊ में नहीं बना उस समय हम लोगों की संख्या बहुत कम थी फिर भी हम लोग जनता को यह बताने में सफल रहे कि यह लोग भ्रष्टाचार कर रहे हैं आज जीत के बादजूही सुरेश तिवारी हम लोगों को मिले उन्होंनेेेे गलेे लगा लिया इतनी खुशी है उनकी जीत पर  कि हम लोग  फूले नहीं समा रहे हैं  क्योंकि वह इतने लोकप्रिय व्यक्ति हैं कि वे किसी के जनहित के काम में


सुरेश तिवारी जी ने अपनेे कार्यकर्ता प्रदीप दीक्षित की सराहनाा करते उसे आशीर्वाद दिया उसनेे भी चरण स्पर्श करके आशीर्वाद प्राप्त किया सुरेश तिवारी जी जितनेे दिन विधायक नहीं रहे कब तक वह अवध प्रांत के  अध्यक्ष बनाए गए थे  इस वक्त उन्होंने  अवध प्रांत के  कार्यकर्ताओं का  खूब मनोबल बढ़ाया  और खूब काम किया  जिसकी वजह से वह और भी ज्यादा सब के कार्यकर्ताओं के चहेते हो गए थे अब इनकी जीत से निखिलेश्वर स्तर केे कार्यकर्ताओं का जोश देखतेे हीी बन रहा सबसे बड़ी प्रसन्नता तो यह हुई कि सुरेेेश तिवारी मुझेे देखतेे ही अपने गले सेे लगा इतने बहू को गए हम लोग प्यार में कि काफी देर तक  खुशी में  आपस में एक दूसरे के समा गए ऐसा मौका बहुत कम आता है  खासकर राजनीत में 


Popular posts
यह उस छविराम डाकू की कहानी है जिसने एटा जिले के अलीगंज थाने में घुसकर सारे पुलिस वालों को मार कर हथियार लूट लिए थे
रात का डॉक्टर
Image
तमाम पुलिसवालों की हत्या करने वाले दुर्दांत खूंखार डाकू छविराम उर्फ़ नेताजी को कैसे लगाया पुलिस ने ठिकाने नहीं मानी सरकार की यह बात कि उसको जिंदा आत्मसमर्पण करवा दो पूर्व डीजीपी करमवीर सिंह ने कहां हम इसको माला पहनकर आत्मसमर्पण नहीं करने देंगे और सरकार को झुका दिया कहानी सुनिए आरडी शुक्ला की कलम से विकास उसके सामने कुछ नहीं था
नीलकंठेश्वर मंदिर पर भव्य भंडारा हजारों लोगों ने चखा प्रसाद
Image
मोदी योगी ने शुरू किया ईमानदारी का नया युग